सीबीआई ने आठ बैंकों के समूह के साथ 551.13 करोड़ रू. (लगभग) की धोखाधड़ी के आरोप पर प्राइवेट फर्म के निदेशकों सहित सी.एम.डी. एवं अन्‍यों के विरूद्ध मामला दर्ज किया व तलाशी ली

प्रेस रिलीज
नई दिल्ली, 06.07.2017

सीबीआई ने सी.एम.डी. ; कोलकाता की प्राइवेट स्‍टील रोलिंग कम्‍पनी के चार निदेशकों तथा कोलकाता की उक्‍त प्राइवेट कम्‍पनी ; सी.ए. तथा अन्‍य अज्ञात के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 120-बी के साथ पठित धारा 420 तथा धारा 420 के तहत मामला दर्ज हुआ। ऐसा आरोप था कि कोलकाता की प्राइवेट कम्‍पनी के उक्‍त आरोपी ने सी.ए. एवं अन्‍य अज्ञातो के साथ मिली भगत में उक्‍त प्राइवेट स्‍टील रोलिंग कम्‍पनी के ऋणी खाते के माध्‍यम से वर्ष 2010-13 के दौरान इलाहाबाद बैंक (लीड बैंक), इण्डियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, स्‍टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, सेन्‍ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, यू.बी.आई., ओरिएण्‍टल बैंक ऑफ कामर्स एवं कारपोरेशन बैंक से मिल कर बने 08 बैंकों के समूह के साथ 551.13 करोड़ रू. (लगभग) की धोखाधड़ी की।

ऐसा आगे आरोप था कि ऋणी कम्‍पनी ने उक्‍त बैंकों के समूह से 512 करोड़ रू. (लगभग) की कैश क्रेडिट लिमिट, टर्म लोन तथा एल.सी. लिमिट प्राप्‍त की और कपटपूर्ण एवं बेईमानी से ऋण मंजूर होने के पश्‍चात वित्‍तीय वर्ष 2011-13 के लिए अपने लेखा परीक्षित खातों को संशोधित कर लिया। लेखा परीक्षित खातों के संशोधन के फलस्‍वरूप कम्‍पनी के वित्‍त पर प्रतिकूल रूप से प्रभाव पड़ा। वर्तमान बैंकों से बढ़ी क्रेडिट लिमिट को मंजूर करने एवं समूह के नये शामिल किए गए बैंको से नए ऋण की मंजूरी के लिए बैंको को मनाने हेतु आरोपी ऋणी द्वारा कथित पूर्व संशोधित लेखा परीक्षित शेष राशि का प्रपत्र जमा किया गया। ऐसा आगे आरोप था कि उक्‍त ऋणी कम्‍पनी के निदेशकों ने कपटपूर्ण तरीके एवं बेईमानी से समूह बैंको के बाहर के बैंक अर्थात यस बैंक से लिए गए सावधि ऋण का पुर्नभुगतान करने हेतु क्रेडिट सुविधाओं के माध्‍यम से जारी बैंक धनराशि को किसी व्‍यवसाय को चिन्हित किए बिना ही अन्‍य मद में लगाया। आरोपी ऋणी की ओर से समूह के सदस्‍य बैंको के द्वारा जारी कुछ साख पत्र भी हास्‍तांरित हो गए। ऐसा भी आरोप था कि उक्‍त निदेशकों ने ऋण का पुर्नभुगतान नही किया एवं समूह के अग्रणी बैंक अर्थात इलाहाबाद बैंक का ऋण खाता दिनांक 31.05.13 को गैर निष्‍पादित खाता घोषित हुआ। अन्‍य सदस्‍य बैंको के ऋण खाते बाद में गैर निष्‍पादित खाते घोषित हुए।

कोलकाता स्थित आरोपी के परिसर में आज तलाशी की जा रही है जिसमें आपत्तिजनक दस्‍तावेज बरामद हुए हैं।

आगे की जॉंच जारी है।

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