सीबीआई ने तत्‍कालीन रेल मंत्री एवं अन्‍यों के विरूद्ध मामला दर्ज किया और तलाशी की

प्रेस रिलीज
नई दिल्ली, 07.07.2017

सीबीआई ने तत्‍कालीन रेल मंत्री ; उनकी पत्‍नी ; उनके पुत्र ; नई दिल्‍ली के एक प्राइवेट व्‍यक्ति ; प्राइवेट होटल लिमिटिड कम्‍पनी के दो निदेशकों ; दिल्‍ली स्थित एक प्राइवेट प्रोजेक्‍ट/ मार्केटिंग कम्‍पनी ; आई.आर.सी.टी.सी. के तत्‍कालीन प्रबन्‍ध निदेशक तथा अन्‍य अज्ञात के विरूद्ध वर्ष 2006 में उक्‍त प्राइवेट होटल लिमिटेड कम्‍पनी को रॉंची एवं पुरी स्थित बी.एन.आर. होटल्‍स के विकास, सुधार एवं संचालन हेतु ठेका देने के आरोप पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 120-बी के साथ पठित धारा 420 तथा भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2)  के साथ पठित धारा 13(1)(डी) के तहत मामला दर्ज किया।

वर्तमान मामला प्रारम्भिक जॉंच पड़ताल के परिणाम स्‍वरूप दर्ज हुआ जिसमें प्रथम टृष्‍टया ज्ञात हुआ कि तत्‍कालीन रेल मंत्री ने कथितरूप से अपनी आधिकारिक स्थिति के दुरूपयोग एवं पटना स्थित लगभग 3 एकड़ भूमि को उक्‍त प्राइवेट होटल लिमिटेड कम्‍पनी के मालिक के माध्‍यम से एक अन्‍य प्राइवेट मार्केटिंग कम्‍पनी जिसके निदेशक के तौर पर उक्‍त प्राइवेट व्‍यक्ति (उसके नजदीकी सहयोगी की पत्‍नी) ने मौजूदा सर्किल रेट से कम मूल्‍य पर बेचने का अनुचित लाभ प्राप्‍त किया। यह भी आरोप था कि इस पक्षपात के बदले में कम्‍पनी की निविदा प्रक्रियाओं में हेरुफेर कर रॉंची एवं पुणे स्थित बी.एन.आर. होटल्‍स के लिए लम्‍बी अवधि का पट्टा प्रदान कर लाभ पहुँचाया गया।

ऐसा आगे आरोप था कि मौजूदा रिकार्ड अनुसार, उक्‍त प्राइवेट मार्केटिंग कम्‍पनी की समस्‍त अंश धारिता लगभग 64 लाख रू. के बदले में, जब इस कम्‍पनी ने लगभग 32.5 करोड़ रू. (सर्किल रेट के अनुसार) तथा लगभग 94 करोड़ रू. (मार्केट रेट के अनुसार) मूल्‍य की भूमि का स्‍वमित्‍व लिया, वर्ष 2010-14 के मध्‍य तत्‍कालीन रेल मंत्री की पत्‍नी एवं उनके पुत्र को हस्‍तांतरित हो गई।

दिल्‍ली, पटना, रॉंची, पुरी तथा गुड़गॉंव सहित 12 स्‍थानों पर आज तलाशी की जा रही है।

आगे की जॉंच जारी है।

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