सीबीआई ने चिट फण्‍ड मामले में निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के आरोप पर प्राइवेट कम्‍पनी समूह के तत्‍कालीन मुख्‍य प्रबन्‍ध निदेशक एवं प्रबन्‍ध निदेशक तथा अन्‍यों के विरूद्ध आरोप पत्र दायर किया

प्रेस रिलीज
नई दिल्ली, 11.07.2017

केन्‍द्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो ने विशेष मुख्‍य न्‍यायिेक दण्‍डाधिकारी, भुवनेश्‍वर(ओडिशा) की अदालत में पश्चिम बंगाल स्थित कम्‍पनी समूह के तत्‍कालीन मुख्‍य प्रबन्‍ध निदेशक; तत्‍कालीन प्रबन्‍ध निदेशक तथा कोलकाता की दो अन्‍य प्राइवेट कम्‍पनियों के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 120-बी के साथ पठित धारा 409 व 420 एवं ईनामी चिट और धन परिशोधन स्‍कीम (पाबंदी) अधिनियम, 1978 की धारा 4, 5, व 6 और इसके प्रमुख अपराधों के तहत आरोप पत्र दायर किया। ऐसा आरोप था कि उक्‍त कम्‍पनी समूह के मुख्‍य प्रबन्‍ध निदेशक एवं प्रबन्‍ध निदेशक रहते हुए आरोपी व्‍यक्तियों ने कपटपूर्ण तरीके से बहुत ही उच्‍च मुनाफे के वादे व कम्‍पनी के झूठे एवं बनावटी व्‍यापारिक संभावनाओं के प्रचार के द्वारा निवेशकों को धन निवेश करने हेतु प्रेरित किया तथा इससे निवेशकों के साथ धोखाधड़ी एवं उक्‍त निवेशित धनराशि का गबन किया। ऐसा आगे आरोप था कि कम्‍पनी ने भोले-भाले निवेशकों से अवैध रूप से बड़े पैमाने पर धनराशि एकत्र की। उक्‍त कम्‍पनी समूह के द्वारा एकत्र की कुल धनराशि कथित रूप से 2862 करोड़ रू. (लगभग) थी।

सीबीआई ने प्राइवेट कम्‍पनी समूह के तत्‍कालीन निदेशकों/ कर्मियों के विरूद्ध वर्ष 2013 की समादेश याचिका संख्‍या 413 में दिनांक 09.05.2014 को जारी माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के आदेश पर दिनांक 05/06/2014 को मामला दर्ज किया।

सीबीआई ने चिट  फण्‍ड मामले की जारी जॉंच में पश्चिम बंगाल स्थित प्राइवेट समूह के तत्‍कालीन मुख्‍य प्रबन्‍ध निदेशक तथा तत्‍कालीन प्रबन्‍ध निदेशक को दिनांक 15/03/2017 को गिरफ्तार किया। वर्तमान में, दोनो न्‍यायिक हिरासत में हैं।

बड़े पैमाने पर हुए षड़यंत्र एवं धनराशि की हानि की जॉंच पड़ताल करने के लिए आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 173(8) के तहत आगे की जॉंच जारी है। 

जनमानस को याद रहे कि उपरोक्‍त विवरण सीबीआई द्धारा की गयी जॉंच व इसके द्धारा एकत्र किये गये तथ्‍यों पर आधारित है। भारतीय कानून के तहत आरोपी को तब तक निर्दोष माना जायेगा जब तक कि उचित विचारण के पश्‍चात दोष सिद्ध नही हो जाता।

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