सीबीआई ने बैंक के साथ धोखाधड़ी के मामले की जारी जॉंच में बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र के तत्‍कालीन मण्‍डलीय प्रमुख एवं प्राइवेट कम्‍पनी के निदेशक को गिरफ्तार किया

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 21.07.2017

सीबीआई ने बैंक के साथ धोखाधड़ी के मामले की जारी जॉंच में तत्‍कालीन मण्‍डलीय प्रमुख, पुणे सिटी मण्‍डल, बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र, पुणे एवं सूरत (गुजरात) स्थित प्राइवेट लॉजिस्टिक कम्‍पनी के निदेशक को गिरफ्तार किया।

सीबीआई ने सूरत स्थित प्राइवेट लॉजिस्टिक फर्म एवं 10 अन्‍य व्‍यक्तियों/ संस्‍थाओं तथा बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र के अज्ञात कर्मियों के विरूद्ध मामला दर्ज हुआ जिसमें आरोप है कि वर्ष 2012-2014 के दौरान, बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र ने ट्रकों की खरीद के लिए सूरत स्थित प्राइवेट लॉजिस्टिक कम्‍पनी को ‘’ चालक से मालिक’’ योजना के तहत उक्‍त कम्‍पनी के 2802 चालकों को कार्यशील पूंजी सीमा, सावधि ऋणों एवं ऋणों सहित विभिन्‍न क्रेडिट सुविधाऍं मंजूर कर दी। बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र को 836.29 करोड़ रू. (लगभग) की कथित हानि हुई। ऐसा आगे आरोप है कि चालकों को उनकी जानकारी के बिना ही ऋण मंजूर किए गए तथा जाली दस्‍तावेजों को असली की तरह प्रयोग किया गया एवं कम्‍पनी ऋण धनराशि का उपयोग उस उद्देश्‍य के लिए नही कर पायी जिसके लिए मंजूर हुआ था। मंजूरी हेतु बैंक के मौजूदा निर्देशों के उल्‍लंघन एवं विभिन्‍न अनियमितताओं को नजर अन्‍दाज कर गिरफ्तार आरोपी (तत्‍कालीन मण्‍डल प्रमुख) के द्वारा इन ऋणों पर कार्यवाही की गई थी। अन्‍य गिरफ्तार आरोपी इसी कम्‍पनी में कथित रूप से एक निदेशक था एवं कम्‍पनी के खाते को संचालित करने के लिए अधिकृत हस्‍ताक्षरकर्ता था।

पुणे स्‍थित बैंक अधिकारी के आवास पर तलाशी की गई जिसमे इलेक्‍ट्रानिक सामान ; एल.आई.सी. पॉंलसियॉं ; सावधि जमाऍं ; बैंकों की दो लॉकर चाबियॉं एवं अन्‍य सम्‍बन्धित दस्‍तावेंज बरामद हुए।

यह ध्‍यान रहे कि इस मामले के अतिरिक्‍त, सीबीआई के द्वारा उक्‍त प्राइवेट कम्‍पनी ; इसके निदेशकों एवं अन्‍यों के विरूद्ध तीन अतिरिक्‍त मामले दर्ज किए गए हैं जिसमें कथित रूप से ओरिन्‍टल बैंक ऑफ कामर्स, बैंक ऑफ बड़ौदा एवं इण्डियन ओवरसीज बैंक को ठगा गया है। इन बैंकों को 1566.39 करोड़ रू. (लगभग) की कथित हानि हुई।

गिरफ्तार आरोपियों को आज विशेष न्‍यायाधीश, मुम्‍बई के समक्ष पेश किया गया।

 

 

  

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