रिश्वत के एक मामले में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के तत्कालीन प्रवर्तन अधिकारी को दो वर्ष का सश्रम कारावास ।

प्रेस रिलीज
नई दिल्ली, 07.09.2017

सी.बी.आई. मामलों के विशेष न्यायाधीश विशाखापत्तनम ने श्रीमती गज्जला राजा कुमारी, तत्कालीन प्रवर्तन अधिकारी, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय, गुंटूर को रिश्वत मामले में दोष सिद्ध करार दिया और उसे 4,000/-रुपए के जुर्माने सहित दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई ।

सीबीआई ने कर्मचारी भविष्य निधि के अंशदान के योगदान में कार्यालयी पक्षपात दिखाने के लिए शिकायतकर्ता, डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेन्टर गुंटूर के प्रबंधक से रिश्वत मांगने के आरोपों के आधार पर अभियुक्त के विरुद्ध एक मामला दर्ज किया । सीबीआई ने जाल बिछाया और अभियुक्त को शिकायतकर्ता से 7,000/-रु. की रिश्वत मांगते एवं लेते समय रंगे हाथों पकड़ा ।

नियमित विचारण के बाद, न्यायालय ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 एवं 13 (2) सपठित धारा 13 (1) (डी) के तहत श्रीमती जी. राजा कुमारी को दोषसिद्ध करार देते हुए निर्णय सुनाया ।

 

 

 

  

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