मुंबई सीरियल धमाके मामले में दो अभियुक्तों को मृत्यु दंड, दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास एवं एक अभियुक्त को दस वर्ष का सश्रम कारावास

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 07.09.2017

आज मुंबई स्थित सक्षम न्यायालय द्वारा अभियुक्त फिरोज़ रशिद खान व ताहिर मरचेंट उर्फ ताहिर ताकल्य को मृत्यु दंड ; दो अभियुक्त अबू सलेम व करिमुल्लाह ओसन खान को आजीवन कारावास एवं अभियुक्त रियाज अहमद सिद्धिकी को दस वर्ष का सश्रम कारावास की सजा दी गई । एक अन्य अभियुक्त मुस्तफा अहमद दौसा की मृत्यु दिनांक 28.06.2017 को हो गई । न्यायालय ने अभियुक्त अब्दुल कयूम को दोषमुक्त करार दिया ।

मुंबई महानगर में दिनांक 12.03.1993 को सीरियल बम्ब धमाके हुए थे जिसमें 257 लोगों की मृत्यु, 713 व्यक्ति घायल तथा 27 करोड़ रु. (लगभग) संपत्ति का नुकसान हुआ था । इस बम्ब धमाके की एक बड़ी साजिश दुबई, मुंबई तथा भारत के अन्य शहरों में रची गई थी । शुरूआत में इसका अन्वेषण मुंबई पुलिस द्वारा किया गया था । सीरियल धमाके से संबंधित विभिन्न घटनाओं के संबंध में विभिन्न थानों में कुल 27 मामले दर्ज किए गए थे । मुंबई अपराध शाखा ने दिनांक 14.11.1993 को एक समेकित आरोप पत्र दाखिल किया था ।

बाद में इन मामलों का अन्वेषण एवं विचारण दिनांक 19.11.1993 को सीबीआई को हस्तांतरित किया गया ।

गहन अन्वेषण के उपरांत सीबीआई ने मुंबई स्थित सक्षम न्यायालय में आरोप पत्र दायर किया । विचारण न्यायालय ने दिनांक 31.07.2007 को 100 अभियुक्तों को दोषसिद्ध करार करते हुए एक अभियुक्त को मृत्यु दंड की सजा दी । दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील में माननीय उच्चतम न्यायालय ने दो अभियुक्तों को छोड़कर अन्य दोषसिद्धियों को बरकरार रखा । अभियुक्त याकूब रजक मेमन को दी गई मृत्यु दंड की सजा को माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा बरकरार रखा गया । उसे दिनांक 30 जुलाई, 2015 को फांसी दे दी गई ।

सात अभियुक्त, अर्थात्, मुस्तफा अहमद दौसा (दुबई से निर्वासित), अबु सलेम, (पुर्तगाल से प्रर्त्यपित), रियाज अहमद सिद्धिकी, अब्दुल कयूम, करिमुल्ला ओसन खान, फिरोज अब्दुल रसीद खान एवं ताहिर मरचेंट उर्फ ताहिर तकलया (दुबई से प्रर्त्यपित) विचारण का सामना कर रहे थे। ये अभियुक्त पूर्व में फरार थे जिन्हें बाद में पकड़ा गया ।

विचारण से बच रहे शेष 30 फरार अभियुक्तों को ढ़ूंढ निकालने के लिए अथक प्रयास किए जा रहे हैं ।

 

 

 

  

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