सीबीआई ने तत्‍कालीन प्रधान आयकर आयुक्‍त ; आयकर अधिकारियों तथा प्राइवेट व्‍यक्तियों सहित 14 आरोपियों के विरूद्ध आरोप पत्र दायर किया

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 08.09.2017

सीबीआई ने आज विशेष न्‍यायाधीश की अदालत, रॉंची में भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम की धारा 15 के साथ पठित भारतीय दण्ड संहिता की धारा 511 के साथ पठित भारतीय दण्ड संहिता की धारा 120-बी के साथ पठित भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम की धारा, 1988 की धारा 7, 12, 13(2)  के साथ पठित धारा 13(1)(डी) एवं उनके प्रमुख अपराधों के तहत तत्‍कालीन प्रधान आयकर आयुक्‍त, राँची ; रॉंची, कोडरमा, हजारीबाग में कार्यरत चार आयकर अधिकारियों तथा नौ प्राइवेट व्‍यक्तियों/ व्‍यापारियों सहित 14 आरोपी व्‍यक्तियों के विरूद्ध आज आरोप पत्र दायर किया।

यह ध्‍यान रहे कि सीबीआई ने आपराधिक षड़यंत्र, अवैध रिश्‍वत एवं आपराधिक अवचार आदि के आरोपों पर प्रधान आयकर आयुक्‍त, रॉंची ; अतिरिक्‍त आयकर आयुक्‍त, रॉंची ; आयकर अधिकारी (तकनीकी), रॉंची ; आयकर विभाग के एक अन्‍य अधिकारी, रॉंची ; 6 प्राइवेट व्‍यक्तियों व अन्‍य अज्ञात लोक सेवकों/ प्राइवेट व्‍यक्तियों/ कम्‍पनियों आदि के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 120-बी के साथ पठित भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम की धारा, 1988 की धारा 7, 12, 13(2)  के साथ पठित धारा 13(1)(डी) के तहत दिनांक 10.07.2017 को मामला दर्ज किया।

ऐसा आरोप था कि प्रधान आयकर आयुक्‍त, राँची ने भारी घूस के बदले में, कोलकाता/ हजारीबाग से रॉंची को स्‍थानान्‍तरित  विभिन्‍न निर्धारिती कम्‍पनियों की आयकर मूल्‍यांकन फाइल प्राप्‍त करने हेतु उन निर्धारितियों जिन पर भारी कर देनदारी लगाई गई थी, का अनुचित पक्षपात करने के लिए अतिरिक्‍त आयकर आयुक्‍त, रॉंची ; आयकर अधिकारी (तकनीकी), आयकर विभाग के एक अन्‍य अधिकारी तथा पॉंच प्राइवेट व्‍यक्ति (सभी कोलकाता के व्‍यापारी) एवं कुख्‍यात प्रविष्टि संचालकों (इन्‍ट्री आपरेटरों) तथा कोलकाता के सी.ए. से मिलकर आपराधिक षड़यंत्र किया।

23 स्‍थानों (18 कोलकाता एवं 05 रॉंची) पर स्थित आरोपी के परिसरों में दिनांक 12.07.2017 को तलाशी ली गई।

जॉंच के दौरान, सीबीआई ने तत्‍कालीन प्रधान आयकर आयुक्‍त ; राँची कोडरमा, हजारीबाग में कायर्रत चार आयकर अधिकारियों तथा एक प्राइवेट व्‍यक्ति (कोलकाता का व्‍यापारी) को गिरफ्तार किया। सभी गिरफ्तार आरोपी वर्तमान में न्‍यायिक हिरासत में हैं।

इस मामले में आगे की जॉंच जारी है।

जनमानस को याद रहे कि उपर्युक्‍त विवरण सीबीआई द्धारा की गयी जॉंच व इसके द्धारा एकत्र किये गये तथ्‍यों पर आधरित है। भारतीय कानून के तहत आरोपी को तब तक निर्दोष माना जायेगा जब तक कि उचित विचारण के पश्‍चात दोष सिद्ध नही हो जाता।

 

 

 

  

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