पॉंच आरोपी व्‍यक्तियों को कुल 15.50 लाख रू. जुर्माने सहित तीन से सात वर्ष की कठोर कारावास

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 14.09.2017

सी.बी.आई. मामलों के विशेष न्यायाधीश, हैदराबाद ने श्री सी. करूणाकर बाबू एवं श्री जी. अनन्‍था कुमार (दोनो प्राइवेट व्‍यक्ति) को 6,75,000 रु. प्रत्‍येक पर जुर्माने सहित 07 वर्ष की कठोर कारावास ; श्री वी. अशोक कुमार तथा श्री बी.के. मन्‍जूनाथ (दोनो प्राइवेट व्‍यक्ति) को 75,000 रु. प्रत्‍येक पर जुर्माने सहित 03 वर्ष की कठोर कारावास और श्री जी. सुधीर (प्राइवेट व्‍यक्ति) को 50,000 रु. जुर्माने सहित 03 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई।

सीबीआई ने दिनांक 28.01.2005 को मामला दर्ज किया जिसमें आरोप है कि इण्डियन बैंक, कोन्‍गारेडिड्पाल्‍ले, चितूर शाखा के पूर्व शाखा प्रबन्‍धक ने अन्‍य व्‍यक्तियों के साथ मिलीभगत में यूनाइटेड किंगडम निवासी दो व्‍यक्तियों के एफ.सी.एन.आर एवं एन.आर.आई बचत खातों में कपटपूर्ण हस्‍तांतरण किया और इस प्रकार 1.12 करोड़ रू. का गबन किया।

जॉंच के पूर्ण होने के पश्‍चात,  सी.बी.आई. मामलों के विशेष न्यायाधीश  के समक्ष आरोपी व्‍यक्तियों के विरूद्ध भारतीय दण्‍ड स‍ंहिता की धारा 120-बी के साथ पठित धारा 409, 420,467, 468, 471 एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (2) के साथ पठित धारा 13 (1) (सी) एवं उनके प्रमुख अपराधों के तहत दिनांक 31.05.2006 को आरोप पत्र दायर हुआ। इण्डियन बैंक के शाखा प्रबन्‍धक श्री के.बी. सुधाकर रेड्डी की मामले के विचारण के दौरान मृत्‍यु हो गई। अत: उनके विरूद्ध आरोप हटा लिए गए।

विचारण अदालत ने पॉंच आरोपी व्‍यक्तियों को दोषी ठहराया एवं अन्‍य प्राइवेट व्‍यक्तियों को बरी किया।

 

 

 

  

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