एन.टी.पी.सी. के सुपर थर्मल पावर स्‍टेशन, कोबरा के तत्‍कालीन प्रबन्‍धक को एक करोड़ रू. जुर्माने सहित सात वर्ष की कठोर कारावास

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 14.09.2017

सी.बी.आई. मामलों के विशेष न्यायाधीश, रायपुर ने कोबरा सुपर थर्मल पावर स्‍टेशन, कोबरा के तत्‍कालीन प्रबन्‍धक (वित्‍त एवं लेखा) श्री जयदीप दास को दोषी ठहराया और उन्‍हे एक करोड़ रु. जुर्माने सहित 07 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई।

सीबीआई ने कोबरा सुपर थर्मल पावर स्‍टेशन (एन.टी.पी.सी.), कोबरा के तत्‍कालीन प्रबन्‍धक (वित्‍त एवं लेखा) श्री जयदीप दास तथा उनकी पत्‍नी सहित एक प्राइवेट व्‍यक्ति के विरूद्ध शिकायत के आधार पर भारतीय दण्‍ड स‍ंहिता की धारा 420, 468, 471 व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (1)(डी) के साथ पठित धारा 13 (2) के तहत दिनांक 01.07.1999 को मामला दर्ज किया जिसमें विदेशी आपूर्तिकर्ता को एन.टी.पी.सी. के द्वारा जारी पुराने/ समय सीमा समाप्‍त वाले विदेशी साख पत्रों (एफ.एल.सी.) के लिए कमीशन के झूठे दावे कर 1,70,61,649 रू. की धनराशि का एन.टी.पी.सी. को हानि पहुँचाने का आरोप है।

जॉंच के पश्‍चात, सी.बी.आई. मामलों के विशेष न्यायाधीश की अदालत, जबलपुर (मध्‍य प्रदेश) में आरोपी के विरूद्ध भारतीय दण्‍ड स‍ंहिता की धारा 420, 468, 471 एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (1)(डी) के साथ पठित धारा 13 (2) के तहत दिनांक 27.11.2002 को आरोप पत्र दायर किया।

विचारण अदालत ने तत्‍कालीन प्रबन्‍धक को कसूरवार पाया एवं उन्‍हें दोषी ठहराया। उनकी पत्‍नी तथा अन्‍य प्राइवेट व्‍यक्तियों को अदालत के द्वारा बरी किया गया।

 

 

 

  

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