सीबीआई ने उड़ीसा उच्‍च न्‍यायालय के सेवानिवृत्‍त न्‍यायाधीश सहित छ: आरोपी व्‍यक्तियों के विरूद्ध मामला दर्ज किया एवं तलाशी ली

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 20.09.2017

सीबीआई ने भारतीय दण्ड संहिता की धारा 120-बी एवं भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 8 के तहत उड़ीसा उच्‍च न्‍यायालय के सेवा निवृत्‍त न्‍यायाधीश ; पॉंच प्राइवेट व्‍यक्तियों एवं अन्‍य अज्ञात लोक सेवकों व प्राइवेट व्‍यक्तियों के विरूद्ध मामला दर्ज किया।

प्राथमिक सूचना रिपोर्ट में ऐसा आरोप लगाया गया है कि दो प्राइवेट व्‍यक्ति, लखनऊ स्थित निजी शैक्षिक न्‍यास, जिससे सराय शहज़ादी, बंथरा, कानपुर रोड, लखनऊ (उ.प्र.) में इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइन्‍स संचालित हो रही थी, के मामलों का प्रबन्‍धन कर रहे थे। ऐसा भी आरोप है कि उक्‍त कॉलेज उन 46 कॉलेजों में से एक था जिसमें घटिया सुविधाओं एवं आवश्‍यक मानदण्‍डों को पूरा न करने के कारण आगामी 1 या 2 वर्ष के लिए मेडिकल के छात्रों का प्रवेश सरकार के द्वारा रोक दिया गया था।

ऐसा आगे आरोप है कि उक्‍त प्राइवेट व्‍यक्ति उड़ीसा उच्‍च न्‍यायालय के सेवानिवृत्‍त न्‍यायाधीश के सम्‍पर्क में आया और मामले पर निर्णय प्राप्‍त करने लिए दिल्‍ली निवासी प्राइवेट व्‍यक्ति, एक अन्‍य प्राइवेट व्‍यक्ति के माध्‍यम से आपराधिक षड़यंत्र में शामिल हुआ।

उक्‍त षड़यंत्र में आगे, प्राइवेट व्‍यक्ति पकड़ा गया जबकि वह चॉदनी चौक, दिल्‍ली के हवाला संचालक से कथित रूप से एक करोड़ रू. को स्‍वीकार करने के पश्‍चात बाहर आ रहा था।

दिल्‍ली, चन्‍द्रशेखरपुर, भुवनेश्‍वर, ओडिशा व लखनऊ स्थित आरोपी व्‍यक्तियों तथा अन्‍यों के परिसरों सहित नौ स्‍थानों पर तलाशी ली गई जिसमें 91.90 लाख रू. (लगभग) बरामद हुआ।

आगे की जॉंच जारी है।

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