सीबीआई ने गैर अनुपातिक सम्‍पति के मामले में नोयडा/ग्रेटर नोयडा प्राधिकरण के तत्‍कालीन मुख्‍य अभियन्‍ता ; उनके पारिवारिक सदस्‍यों एवं अन्‍यों के विरूद्ध एक आरोप पत्र दायर किया

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 26.09.2017

सीबीआई ने गैर अनुपातिक सम्‍पति के मामले में नोयडा/ग्रेटर नोयडा प्राधिकरण के तत्‍कालीन मुख्‍य अभियन्‍ता ; पत्‍नी, दो पुत्रियों, पुत्र, पुत्र-वधु सहित उनकें पारिवारिक सदस्‍यों ; एक चार्टेड अकाउण्‍टेन्‍ट ; तीन प्राइवेट फर्मों (उनके अधिकृत प्रतिनिधित्‍वकर्ता के माध्‍यम से) एवं धमार्थ न्‍यास (इसके न्‍यासियों के माध्‍यम से) के विरूद्ध सीबीआई मामलों के विशेष न्‍यायाधीश की अदालत, गाजि़याबाद (उत्‍तर प्रदेश) में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 120-बी,109 एवं भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा13(2) के साथ पठित धारा 13(1)(ई) और इनके प्रमुख अपराधों के तहत आज आरोप पत्र दायर किया।

जॉंच से पता चला कि दिनांक 01.04.2004 से 04.08.2015 की अवधि के दौरान तत्‍कालीन मुख्‍य अभियन्‍ता एवं उनके पारिवारिक सदस्‍यों के पास 23,15,41,514/- रू. (लगभग) मूल्‍य की गैर अनुपातिक सम्‍पत्ति पाई गई जो कि उनके आय के ज्ञात स्रोत से 512.66% गैर अनुपातिक थी।

जॉंच से यह भी पता चला कि उक्‍त मुख्‍य अभियन्‍ता एवं उनके पारिवार ने कथित रूप से अवैध धन को वैध धन में बदलने के लिए 03 प्राइवेट लिमिटिड कम्‍पनी, 03 मालिकाना हक वाली फर्म एवं 01 धार्मिक न्‍यास को सम्‍मिलित किया। इन कम्‍पनियों/ फर्मों में दर्शायी गई आय कथित रूप से बराबर धनराशि का नकद देने के पश्‍चात कई चार्टेड अकाउण्‍टेन्‍ट के द्वारा विभिन्‍न तरीकों यथा धन असुरक्षित ऋण, शेयर अप्‍लीकेशन मनी, प्रीमियम दर पर शेयरों की विक्री के तौर पर पेश कर एकोमोडेशन इन्‍ट्रीस (Accommodation Entries) के माध्‍यम से प्रबन्धित पायी गई।

यह ध्‍यान रहे कि सीबीआई ने बड़े पैमाने पर सम्‍पत्तियों, जो कि उनके आय के ज्ञात स्रोत से गैर अनुपातिक थी, को एकत्र करने के आरोप पर वर्ष 2014 में विविध बेंच संख्‍या 12396 में माननीय इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय, लखनऊ बेंच के दिनांक 16.07.2015 के आदेश के अनुपालन में नोयडा/ ग्रेटर नोयडा प्राधिकरण (उत्‍तर प्रदेश) के तत्‍कालीन मुख्‍य अभियन्‍ता ; व उनके पारिवारिक सदस्‍यों और उनके व्‍यवसायिक साझीदारों के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 109 के साथ पठित भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) के साथ पठित धारा 13(1)(ई) के तहत दिनांक 30.07.2015 को मामला दर्ज किया।

नोयडा, आगरा एवं लखनऊ सहित 16 स्‍थानों पर आरोपी व्‍यक्तियों के परिसरों में अगस्‍त 2015 के दौरान तलाशी की गई। तलाशी के दौरान, ऐसा पाया गया कि तत्‍कालीन मुख्‍य अभियन्‍ता के पास 03 अचल सम्‍पत्ति ; उनकी पत्‍नी के पास 19 अचल सम्‍पत्ति तथा पुत्र के पास 03 अचल सम्‍पत्ति थी। यह भी खुलासा हुआ कि 1.04 करोड़ रू.(लगभग) मूल्‍य के आभूषणों को तत्‍कालीन मुख्‍य अभियन्‍ता के परिवार के द्वारा जॉंच अवधि के दौरान कथित रूप से खरीदा गया।

जनमानस को याद रहे कि उपरोक्‍त विवरण सीबीआई द्धारा की गयी जॉंच व इसके द्धारा एकत्र किये गये तथ्‍यों पर आधरित है। भारतीय कानून के तहत आरोपी को तब तक निर्दोष माना जायेगा जब तक कि उचित विचारण के पश्‍चात दोष सिद्ध नही हो जाता।

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