घूसखोरी के मामले में तत्‍कालीन कार्यकारी निदेशक (सर्तकता) को 03 वर्ष की कठोर कारावास

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 27.09.2017

सी.बी.आई. मामलों के विशेष न्यायाधीश, रॉची ने घूसखोरी मामले में सी.सी.एल., रॉंची के तत्‍कालीन कार्यकारी निदेशक (सर्तकता) श्री हेमचन्‍द (भा.पु.सेवा) को दोषी ठहराया एवं उन्‍हे 10,000 रु. के जुर्माने सहित 03 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई।

सीबीआई ने भारतीय दण्ड संहिता की धारा 120-बी एवं भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7, 12 व 13(2) के साथ पठित धारा 13(1)(डी) के तहत दिनांक 30.08.1992 को मामला दर्ज किया जिसमें शिकायतकर्ता से सी.सी.एल. में उसके ठेके को जारी रखने के लिए तत्‍कालीन सीनियर अण्‍डर मैनेजर, सी.सी.एल. कारगिल क्षेत्र के माध्‍यम से 25,000 रू. की घूस की मॉंग का आरोप है। जॉंच के पश्‍चात,आरोपी के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 120-बी, भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 एवं 13(2) के साथ पठित धारा 13(1)(डी) के तहत नामित अदालत में दिनांक 06.03.1998 को आरोप पत्र दायर हुआ। विचारण के दौरान सीनियर अण्‍डर मैनेजर की मृत्‍यु हो गई।

विचारण अदालत ने आरोपी को कसूरवार पाया एवं उन्‍हें दोषी ठहराया।

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