धोखाधड़ी के मामले में स्‍टेट बैंक ऑफ हैदराबाद के तत्कालीन शाखा प्रबन्‍धक एवं 03 प्राइवेट व्‍यक्तियों को तीन वर्ष की कठोर कारावास

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 30.10.2017

सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश, भोपाल (मध्‍य प्रदेश) ने स्‍टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, एम.पी.नगर शाखा, भोपाल के तत्‍कालीन शाखा प्रबन्‍धक श्री रवीन्‍द्र जे. पाथरबे को 80,000/- रूपये के जुर्माने सहित तीन वर्ष की कठोर कारावास ; मैसर्स प्रखर बिल्‍डर्स एण्‍ड डेवलपर्स के तत्‍कालीन मालिक श्री पुष्‍पेन्‍द्र मिश्रा को 70,000/- रूपये के जुर्माने सहित तीन वर्ष की  कठोर कारावास और उनकी पत्‍नी श्रीमति अर्चना मिश्रा को 30,000/- रूपये के जुर्माने सहित तीन वर्ष की  कठोर कारावास तथा श्री देवांश शुक्‍ला को 70,000/- रूपये के जुर्माने सहित तीन वर्ष की  कठोर कारावास की सजा सुनाई।

सीबीआई ने स्‍टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, मुख्‍यालय, हैदराबाद से प्राप्‍त शिकायत के आधार पर भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 120-बी, 420, 468, 471 एवं भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) के साथ पठित धारा 13(1)(डी) के तहत दिनांक 01.12.2011 को मामला दर्ज किया जिसमें आरोप है कि स्‍टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, एम.पी.नगर शाखा, भोपाल के शाखा प्रबन्‍धक श्री रवीन्‍द्र जे. पाथरबे, वर्ष 2009-2010 के दौरान प्राइवेट कान्‍सट्रक्‍शन फर्मों, जो कि भवन निमार्ण का कार्य करती थी, के मालिकों के साथ आपराधिक षड़यंत्र में शामिल हुए व अज्ञात ऋणदाताओं के साथ षड़यंत्र किया। आरोपियों ने गृह ऋणों की सुविधा प्राप्‍त करने और झूठे व जाली दस्‍तावेजों को पेश कर कथित रूप से स्‍टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, भोपाल के साथ 318.52 लाख रू. (लगभग) की राशि की धोखाधड़ी की।

जॉंच की समाप्ति के पश्‍चात, सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश, भोपाल की अदालत में दिनांक 29.04.2014 को दो आरोप पत्र दायर किया गया। विचारण अदालत ने आरोपियों को कसूरवार पाया व उन्‍हे दोषी ठहराया।

********