1.21 करोड़ रू. के गबन से सम्‍बन्धित मामले में स्‍टेट बैंक ऑफ इण्डिया के तत्‍कालीन उप-प्रबन्‍धक को 10 वर्ष की कठोर कारावास

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 29.11.2017

सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश, रॉंची ने स्‍टेट बैंक ऑफ इण्डिया, मेन रोड शाखा, रॉंची के तत्‍कालीन उप-प्रबन्‍धक (लेखा) श्री प्रशान्‍त कुमार घोष को भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 409 के तहत 50 लाख रू. जुर्माने सहित 10 वर्ष की कठोर कारावास एवं इसके अतिरिक्‍त उन्‍हें भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) के साथ पठित धारा 13(1)(सी) के तहत 50 लाख रू. जुर्माने सहित 03 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। कारावास की सभी सजाएँ साथ-साथ चलेगीं। उक्‍त जुर्माना राशि में से, 50% राशि एस.बी.आई. मेन रोड शाखा, रॉंची को भुगतान की जाएगी।

एस.बी.आई., पटना से प्राप्‍त शिकायत के आधार पर स्‍टेट बैंक ऑफ इण्डिया, मेन रोड शाखा, रॉंची में कार्यरत तत्‍कालीन उप-प्रबन्‍धक (लेखा) श्री प्रशान्‍त कुमार घोष एवं तत्‍कालीन उप-प्रबन्‍धक (नकद) के विरूद्ध दिनांक 10.09.2002 को वर्तमान मामला दर्ज हुआ। ऐसा आरोप था कि स्‍टेट बैंक ऑफ इण्डिया, मेन रोड शाखा, एस.एन. गांगुली रोड के स्‍ट्रांग रूप से आरोपी व्‍यक्तियों, जिनके संयुक्‍त नियंत्रण में उक्‍त स्‍ट्रांग रूम था, के हाथो 1.21 करोड़ रू. का गबन हुआ एवं दिनांक 6 सितम्‍बर, 2002 से दिनांक 8 सितम्‍बर, 2002 के मध्‍य किए गए करेन्‍सी चेस्‍ट के भौतिक सत्‍यापन के दौरान ज्ञात हुई हानि के लिए जिम्‍मेदार थे। जॉंच के पश्‍चात,  सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश की अदालत, रॉंची में दोनो आरोपियों के विरूद्ध दिनांक 23.12.2004 को आरोप पत्र दायर किया।

विचारण अदालत ने आरोपी को कसूरवार पाया एवं उन्‍हें दोषी ठहराया। अन्‍य आरोपी, तत्‍कालीन उप-प्रबन्‍धक (नकद) की तब तक मृत्‍यु हो गई थी।

 

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