‍‍अवांछित रेलवे टिकटिंग नेटवर्क बेनकाब ; सीबीआई ने अपने सहायक प्रोग्रामर को गिरफ्तार किया ; 14 स्‍थानों पर तलाशी ली

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 27.12.2017

सीबीआई ने रेल टिकट बुकिंग हेतु प्रयोग में लाये जाने वाले अवैध सॉफ्टवेयर को विकसित एवं बिक्री करने से सम्‍बन्धित मामले में अपने सहायक प्रोग्रामर और एक प्राइवेट व्‍यक्ति को गिरफ्तार किया।

कम्‍प्‍यूटर/ कम्‍प्‍यूटर सिस्‍टम में अनाधिकृत रूप से एक्‍सेस (प्रवेश) व हानि पहुँचाना, रेलवे टिकटों को अनाधिकृत रूप से प्राप्‍त एवं आपूर्ति का पेशा करने एवं आपराधिक कदाचार हेतु आपराधिक षड़यंत्र, कम्‍प्‍यूटर से सम्‍बन्धित अपराधों के आरोप पर सहायक प्रोग्रामर, सीबीआई, नई दिल्‍ली एवं अन्‍यों के विरूद्ध मामला दर्ज हुआ।

उक्‍त लोक सेवक पूर्व में वर्ष 2007 से वर्ष 2011 के दौरान इण्डियन रेलवे कैटरिंग एण्‍ड टूरिज्‍म कारपोरेशन लिमिटेड (आई.आर.सी.टी.सी.) में कार्य कर चुका है। ऐसा आगे आरोप है कि आरोपी ने आई.आर.सी.टी.सी. द्वारा संचालित किए जा रहे तत्‍काल टिकट बुकिंग प्रणाली को धोखा देने के लिए अवैध सॉफ्टवेयर विकसित एवं प्राइवेट व्‍यक्ति के साथ मिल कर षड़यंत्र किया तथा जिसके माध्‍यम से वे लोग प्राइवेट व्‍यक्त्तियों को उक्‍त सॉफ्टवेयर, वितरित करने में संलिप्‍त थे, जिसका अनाधिकृत रूप से प्रयोग कर भारी मुनाफा प्राप्‍त किया जा रहा था। आई.आर.सी.टी.सी. के नियमों व विनियमनों और रेलवे के अधिनियम के अनुसार भी इस तरह के सॉफ्टवेयर का प्रयोग अवैध है। ऐसा भी आरोप था कि उक्‍त आरोपी, कुछ बुकिंग एजेन्‍टों के द्वारा इस तरह के सॉफ्टवेयर के प्रयोग के लिए पैसा एकत्र कर रहा था एवं इन गतिविधियों से भरी धन ज़मा किया। ऐसा भी पता चला कि आरोपी उक्‍त सॉफ्टवेयर के प्रयोग के लिए डीलरों से कथित रूप से धन विटक्‍वाइन (Bitcoins) एवं हवाला नेटवर्क के माध्‍यम से प्राप्‍त कर रहे थे।

दिल्‍ली,मुम्‍बई एवं जौनपुर (उत्‍तर प्रदेश) सहित 14 स्‍थानों पर तलाशी ली गई जिसमें आरोपी एवं अन्‍यों के परिसरों से 89.42 लाख रू. (लगभग) का नकद ; प्रत्‍येक 1 किग्रा की 02 सोने की ईंट सहित 61.29 लाख रू. (लगभग) मूल्‍य के सोने के आभूषण ; 15 लैपटाप ; 15 हार्ड डिस्‍क ;52 मोबाइल फोन ; 24 सिम ; 10 नोट बुक ; 06 राऊटर ; 04 डोंगल्‍स ; 19 पेन ड्राइब्‍स और अन्‍य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई।

आरोपी को दिल्‍ली की नामित अदालत में आज पेश किया गया एवं पुलिस हिरासत में भेजा गया।

यह मामला सीबीआई निदेशक की नीति के अनुरूप है ताकि सत्‍यानिष्‍ठा सुनिश्चित करने और भ्रष्‍टाचार के प्रति पूर्ण असहनशीलता प्राप्‍त करने की एक मजबूत आंतरिक व्‍यवस्‍था बने।

आगे की जाँच जारी है।

 

 

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