धोखाधड़ी के एक मामले में इण्डियन बैंक के तत्कालीन मुख्य प्रबन्ध निदेशक एवं दो अन्य कर्मियों को तीन वर्ष की कठोर कारावास

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 08.01.2018

सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश, चेन्नेई ने इण्डियन बैंक के तत्कालीन मुख्यश प्रबन्ध निदेशक श्री एम. गोपालाकृष्णन् ; इण्डियन बैंक, नई दिल्ली के तत्कालीन मण्डल प्रबन्धलक श्री ए.वी. शानमुगासुन्दिरम् एवं इण्डियन बैंक, नई दिल्ली के तत्कालीन सहायक महा-प्रबन्धक सतीश कुमार को 30,000 रू. से लेकर 1.40 लाख रू. के जुर्माने सहित 03 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई।

सीबीआई ने एक मामला दर्ज किया जिसमें आरोप है कि इण्डियन बैंक, नई दिल्ली के तत्कालीन मंडल प्रबन्धक ए.वी. शानमुगासुन्दरम् ; इण्डियन बैंक, नई दिल्ली के तत्कालीन सहायक महा-प्रबन्धक सतीश कुमार एवं इण्डियन बैंक के तत्कालीन मुख्य् प्रबन्ध निदेशक एम. गोपालाकृष्णन् ने अगस्त 1989 एवं अगस्त 1993 की अवधि के दौरान मैसर्स स्कैन्टेल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और मैसर्स एलाइड इक्‍वीपमेन्ट्स व सर्विसेज लिमिटेड, नई दिल्ली् के साथ षड़यंत्र रचा। उक्त् षड़यंत्र के अनुसरण में, आरोपी ने प्राइवेट फर्म के उक्त निदेशक, को 18.08 करोड़ रू. की क्रेडिट सुविधा जारी कर दी जिसने इण्डियन बैंक के साथ धोखाधड़ी की।

जॉंच की समाप्ति के पश्चात, भारतीय दण्डय संहिता की धारा 120-बी के साथ पठित धारा 420 व भ्रष्टा‍चार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) के साथ पठित धारा 13(1)(डी) एवं उनके प्रमुख अपराधों के लिए चेन्न‍ई की नामित अदालत के समक्ष आरोप पत्र दायर किया। विचारण की कार्यवाही के दौरान, प्राइवेट फर्म के उक्त निदेशक की मृत्यु् हो गई और इस प्रकार उनके विरूद्ध आरोप हटा लिया गया।

विचारण के पश्चात, अदालत ने उक्त अपराधों के लिए आरोपियों को दोषी ठहराया।

 

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