सरकारी खजाने को 61.08 करोड़ रू. की हानि पहुँचाने पर बंगलौर स्थित प्राइवेट फर्म की मालकिन एवं उनके पति को पॉंच वर्ष की कठोर कारावास

प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली, 30.01.2018

अतिरिक्‍त मुख्‍य महानगर दण्‍डाधिकारी, बंगलौर ने श्री एन.ए. जयराम तथा उनकी पत्‍नी श्रीमती शैला एन.जे. को प्रत्‍येक पर 1,40,000 रू. के जुर्माने सहित 05 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई।

सीबीआई ने मामला दर्ज किया जिसमें आरोप है कि बिलवा लैब्‍स, बंगलौर की प्रतिनिधित्‍वकर्ता श्रीमती शैला एन.जे. ने अपने पति श्री एन.ए. जयराम के साथ षड़यंत्र में पोटाश के मूरेट (Muriate of Potash) जो कि भारत सरकार द्वारा अनुदानित छूट की धन वापसी के बिना निर्यात हेतु प्रतिबन्धित वस्‍तुओं में आता है, के आयात में भारत सरकार से धोखाधड़ी की। दोनो आरोपियों ने पोटैशियम क्‍लोराइड (Muriate of Potash) को गलत तरीके से औद्यौगिक साल्‍ट के तौर पर घोषित कर निर्यात करने की कोशिश की। सरकारी खजाने को 61,08,53,275 रू. (लगभग) की हानि हुई।

आरोपी व्‍यक्तियों के विरूद्ध भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 120-बी के साथ पठित धारा 420, 468 एवं 471, आवश्‍यक वस्‍तु अधिनियम, 1955 की धारा 7(।)(ए)(ii) के साथ पठित उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 25(1) एवं (2) तथा सीमा शुल्‍क अधिनियम, 1962 की धा रा 132, 135 एवं 135-ए के तहत दिनांक 17.12.2012 को आरोप पत्र दायर हुआ। आरोपी व्‍यक्तियों के विरूद्ध भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 120-बी के साथ पठित धारा 420, 468 एवं 471, आवश्‍यक वस्‍तु अधिनियम, 1955 की धारा 7(।)(ए)(ii) के साथ पठित उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 25(1) एवं (2) तथा सीमा शुल्‍क अधिनियम, 1962 की धारा 132, 135 एवं 135-ए के तहत दिनांक 17.12.2012 को आरोप पत्र दायर हुआ।

विचारण अदालत ने दोनो आरोपियों को कसूरवार पाया व उन्‍हें दोषी ठहराया।

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